Dr G K Gyan
Simple Homeopathic Physician

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By: Gyan | October 08, 2017

पसंद या जरुरत?


अक्सर लोगों की जो पसंद होती है, वो उनकी जरुरत नहीं होती और जो उनकी जरुरत होती है, वो उनकी पसंद नहीं होती। जो लोगों की पसंद है वो करना व्यापार है, जो लोगों की जरुरत है वो करना उपचार है...

क्यों? क्योंकि अक्सर उन्हें पता ही नहीं होता कि, उनकी जरुरत क्या है। ज्यादातर लोग खुद सोचने की जगह अंधानुकरण ही करते हैं, परिणामों का अवलोकन किये बगैर। अल्पकालीन और दीर्घकालीन परिणामों के अंतर पर गौर करने की जगह किसी और अक्ल के अंधे का मुंह ताकना आसान लगता है, आमलोगों को...

अक्सर पूंजीपति वर्ग, अपनी कुत्सित आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए, उन्हें भरमाये रहता है। हम जानते हैं कि, सारा प्रचार तंत्र पूंजीपतियों के अधीन है, जिनमें से अधिकांश अपने तुच्छ स्वार्थ की पूर्ति के लिए या अज्ञानतावश किसी भी हद तक गिर सकते हैं।

तो आइये,...

By: Gyan | June 05, 2017

Cure
Permanent

What is permanent cure?

Permanent restoration of the natural state of health from a deviated state is, "Permanent Cure".


Why permanent cure is a factor of "ideal cure"?

If cure is not permanent, it is "palliative treatment", in which the morbific dynamic agent is suppressed, not eliminated.


How permanent cure can be achieved?

By applying the nature's law of cure.


When permanent cure will be achieved?

When a similar and stronger potency will be applied.


Category: Philosophy 

Tags: Cure, Health, Treatment